एकांकीपन में अक्सर ही धड़कनें मेरा साथ देती हैं । एकांकीपन में अक्सर ही धड़कनें मेरा साथ देती हैं ।
अपना अपना करता है मन कुछ नहीं है अपना रे। अपना अपना करता है मन कुछ नहीं है अपना रे।
और में अचानक आ काश में उड़ ती, रसातल में पहुंच जाती हूं, कभी कभी, कभी कभी। और में अचानक आ काश में उड़ ती, रसातल में पहुंच जाती हूं, कभी कभी, कभी कभी।
अपनेपन की खुश्बू-सी आती है मुझे , तुम्हारी साँसों से अपनेपन की खुश्बू-सी आती है मुझे , तुम्हारी साँसों से
अपना बचपन अपना बचपन
प्रवास मैंने महज दस दिनों का दिल्ली में लिया अपनी जीविका चलाने को, रवैया मुझे पसंद न प्रवास मैंने महज दस दिनों का दिल्ली में लिया अपनी जीविका चलाने को, रवैय...